लोककथाओं से संस्कारित होती थी नई पीढ़ी
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लोककथाएं कभी केवल मनोरंजन नहीं थीं, बल्कि बच्चों को नीति, संस्कार, करुणा,
साहस और जीवन-मूल्यों की शिक्षा देने वाली जीवंत पाठशाला थीं। पंचतंत्र,
हितोपदेश और...
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1 comments:
"मोरे कान्हा जो आए पलट के
अबके होरी मैं खेलूंगी डटके "
वाह...फागुनी संदेशे लेकर होली के रंग बिखेर गया रंगीला बसंत, बहुत ही सुन्दर मनभावन प्रस्तुति... संज्ञा जी आपके अथक परिश्रम का खूबसूरत परिणाम है यह प्यारी सी पोस्ट... होली की शुभकामनाओं सहित आभार
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