लोककथाओं से संस्कारित होती थी नई पीढ़ी
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लोककथाएं कभी केवल मनोरंजन नहीं थीं, बल्कि बच्चों को नीति, संस्कार, करुणा,
साहस और जीवन-मूल्यों की शिक्षा देने वाली जीवंत पाठशाला थीं। पंचतंत्र,
हितोपदेश और...
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4 comments:
शानदार प्रस्तुती
बहुत ही अच्छा और शानदार प्रस्तुतिकरण है .प्रयास के लिए साधुवाद .
संज्ञा जी की सुरमई आवाज ने घटना को जैसे जीवित कर दिया , लाजवाब !
Uttam Rachana ka Uttam Prstutikaran
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